रायपुर, 28 मार्च 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर में आयोजित जिला स्तरीय श्रमिक सम्मेलन में 79,340 निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिजनों को 27.15 करोड़ रुपए की राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से उनके बैंक खातों में अंतरित की। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने की।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर चिंता की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि ईंधन आपूर्ति पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा और नागरिकों से अफवाहों से दूर रहने तथा अनावश्यक भंडारण न करने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि पंजीकृत श्रमिकों को बच्चे के जन्म पर 20,000 रुपए की सहायता दी जाती है। मकान निर्माण के लिए 1.5 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता तथा ई-रिक्शा खरीदने के लिए 1.5 लाख रुपए तक की सहायता प्रदान की जा रही है।
शिक्षा के क्षेत्र में, 10वीं या 12वीं बोर्ड परीक्षा में टॉप-10 में स्थान प्राप्त करने वाले श्रमिकों के बच्चों को 2 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। मेधावी बच्चों के लिए निजी स्कूलों में अध्ययन हेतु सीटों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि “दीनदयाल भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना” के तहत भूमिहीन मजदूरों को सालाना 10,000 रुपए की सहायता दी जा रही है। हाल ही में लाखों लाभार्थियों के खातों में लगभग 495 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की गई है।
उन्होंने कहा कि डीबीटी प्रणाली के माध्यम से योजनाओं की राशि सीधे हितग्राहियों तक पहुंच रही है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है। प्रोविडेंट फंड प्रणाली को यूनिवर्सल बनाया गया है और न्यूनतम पेंशन राशि 1000 रुपए निर्धारित की गई है। ईएसआईसी अस्पतालों के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों को उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने बताया कि प्रदेशभर में श्रमिक सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है। पिछले सवा दो वर्षों में 800 करोड़ रुपए से अधिक की राशि श्रमिकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से स्थानांतरित की गई है। “अटल शिक्षा योजना” के तहत श्रमिकों के बच्चों को निजी स्कूलों में शिक्षा की सुविधा दी जा रही है।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, श्रमिक और अधिकारी उपस्थित रहे।